आगाश है कोई प्रेम कवि मैं उसकी लिखी कविता मेरे जैसा कोई नहीं आया जग में युग बीता छू ना सके कोई मुझे छू ना सके कोई मुझे छूले तो हाय लग जा आए अगन छूले
KAYNAK
आगाश है कोई प्रेम कवि मैं उसकी लिखी कविता मेरे जैसा कोई नहीं आया जग में युग बीता छू ना सके कोई मुझे छू ना सके कोई मुझे छूले तो हाय लग जा आए अगन छूले
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